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बीएमसी में विश्व टीबी दिवस पर आईएमए और एपीआई के संयुक्त पहल से कार्यक्रम संपन्न



सागर।  विश्व टीबी दिवस के अवसर पर मेडिकल कालेज,एसोसिएशन ऑफ़ फिजिशियंस ऑफ़ इंडिया (API) सागर और इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर के  सानिध्य से संगोष्ठि और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित किया गया। इस संगोष्ठि  को सामुदायिक मेडिसिन विभाग की डॉ श्रद्धा मिश्रा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग के डॉ सुमित रावत और टी बी  चेस्ट विभाग के डॉ तल्हा साद ने सम्बोधित किया। 
संगोष्ठि को संबोधित करते हुए डॉ श्रद्धा मिश्रा ने बताया कि टी बी उन्मूलन कार्यक्रम में कई अहम बदलाव किए गए हैं जिनमे हर मरीज़ को सरकार की ओर से महीने के ₹500/- दिये जाते हैं ताकि वो अपनी मुफ़्त की दवाइयों के साथ अच्छा पोषण ले सके। डॉ रावत ने बताया के नयी पद्धति की जाँचों से अब संकीर्ण अथवा MDR टी बी की भी जाँच दो घंटे में संभव हो गई है ये CBNAAT की जाँच मुफ़्त में मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है। 
डॉ तल्हा साद ने टी बी के इलाज के संबंध में बताया के अब DOTS जो सरकार द्वारा मुफ़्त में दवाई दी जाती है उसे रोज़ाना खाने का प्रावधान आ गया है जो पहले हफ़्ते में तीन ही दिन खानी होती थी. इसके अलावा MDR टी बी का इलाज भी अब 9-11 महीने में ही संभव हो गया है जो पहले 24 महीने चलता था. MDR टी बी के इलाज में नयी दवा बेडक़ीलीन(bedaquiline) के आने से संभव हो पाया है. 
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीन डॉ आर एस वर्मा, सुप्रिटेंडेंट् डॉ एसके पिप्पल, डॉ प्रदीप चौहान, डॉ वी के खरे, डॉ नीना गिड्डयन, डॉ ममता तिमोरी और डॉ मनीष झा थे। कार्यक्रम का आभार डॉ मनीष जैन ने माना।कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ उमेश पटेल ने किया।

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