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सकेराभडारन गांव में गहराया जल संकट जल श्रोतों पर लग रही ग्रामीणों की भीड

   खराब पडे कई हैण्डपम्प पानी की जगह दे रहे हवा 
पृथ्वीपुरः- जनपद अंतर्गत आने बाली ग्राम पंचायत सकेराभडारन ग्राम में पेयजल संकट गहरा गया है और लोग पीने के पानी के लिये दूर दूर से रतजगा कर पानी ला रहे है। 
सकेराभडारन ग्राम पंचायत में इन दिनों भीषण गर्मी के बीच कोरोना महामारी संकट के दौरान लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिये परेशान होना पड रहा हैं। ग्राम के अयोध्दा प्रसाद तिवारी, मानवेन्द्र यादव आदि ने पीएचई विभाग के अधिकारियों के उदासीन रवैये पर आरोप लगाते हुये कहा कि ग्राम पंचायत में पेयजल का बहुत ही संकट है ग्राम में 30 हैण्डपम्प खनन है जिनमें से मात्र 11 हैण्डपम्प ही जल स्तर कम हो जाने से कम पानी दे रहे है अधिकतर हैण्डपम्प पानी की जगह हवा फेंक रहे है और कुछ हैण्डपम्प खराब पडे हुये है जिनमें पानी कम होने के बाद भी पीएचई विभाग द्वारा इन्हे सुधार कार्य नही कराया जा रहा है बुन्देलखण्ड पैकेज के तहत लाखों रूपये खर्च करके नल जल योजना के लिये कूप निर्माण, पम्प हाउस का निर्माण कराया गया है लेकिन इसमें नल जल योजना संचालित करने के लिये विद्युत पम्प के द्वारा योजना सुचारू से संचालित थी लेकिन पिछले कई महीनों से यह योजना भी ठप्प पडी हुई है ग्रामीणों के द्वारा पीएचई विभाग और ग्राम पंचायत से पेयजल की व्यवस्था स्थापित करने के लिये मांग की जा रही है लेकिन पिछले दो महीने से व्यवस्था को नही सुधारा जा रहा है। साथ ही सार्वजनिक कुयें पर मोटर लगी हुई थी जिससे ग्राम के लोग पेयजल का इस्तेमाल करते थे लेकिन पिछले कई दिनों से यहां से विद्युत मोटर केविल तार स्टाटर सहित चोरी हो गये और इनका कोई पता नही चला जबकि ग्राम में लोगों को आधे से एक किलोमीटर की दूरी तय करके पेयजल भरने के लिये रतजगा कर जाना पड रहा है। लेकिन उनकी इस पीडा को कोई नहीं समझ रहा ग्रामीणों ने जिले के कलेक्टर से मांग करते हुये कहा कि शीघ्र ही ग्राम की पेयजल व्यवस्था में सुधार कराकर ग्रामीणों को स्वच्छ जल की व्यवस्था मुहैया कराई जाय। जबकि पीएचई विभाग और ग्राम पंचायत एजेंसी के द्वारा एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाकर ग्रामीणों को जानबूझकर पेयजल समस्या से परेान किया जा रहा है। 



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