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बेजुबान पक्षियों के लिए बरगद के पेड़ में फैलाये जाल को खाकी ने निकाला

खाकी वर्दी की मानवता ने किया पंक्षियों का विधि विधान से अंतिम संस्कार ।
पृथ्वीपुरः-जेरोन थाना अंतर्गत कोयली खिरक पर राकेश कुशवाहा ने बरगद के पेड़ के ऊपर जाल डाल रखा था। जिसमें बेजुबान पक्षी मर रहे थे। पुलिस टीम में सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पेड से जाल निकलवाया तथा जो पक्षी जीवित थे उन्हे जाल को काटकर आजाद किया और जो मृत हो गये थे उनका अंतिम संस्कार भी इनके द्वारा किया गया। 
 ग्रामीणों के द्वारा उक्त सूचना पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार सिंह को लगी तो उन्होंने तुरंत एसडीओपी संतोष पटेल को मौके पर भेजा। और थाना प्रभारी जेरोन सुरेंद्र यादव जवानों को लेकर कोयली के खेत में तालाब के पास पहुंचे। इंसान बेजुबान नादान पुलिस सबकी सुनती है। जहां बरगद का नया पेड़ जो अपनी युवावस्था में है और पक्षियों का आकर्षण था। विभिन्न प्रकार के पक्षियों ने वास बना रखा था। एक निर्दयी इंसान को पक्षियों की चहचहाहट रास नहीं आयी और उसने अपनी तुच्छ नियत का परिचय देते हुए पेड़ के ऊपर नायलॉन के रेशे का जाल बिछा दिया। जिसमें कई प्रकार के सुन्दर रंग बिरंगे पंक्षी जैसे- नीलकंठ, तोता फंस गए और फड़फड़ाते रहे। उनकी कोई सुनने वाला नहीं था और वो वहीं पर तड़प तड़प कर मर गए और कुछ दिनों बाद सूख गए लेकिन प्रकृति की रंगत अभी गायब नहीं हुई थी पंक्षियों को देखकर लग रहा था मानो आराम से सो रहे हों। किसी और बेजुबान की जान जाती उससे पहले पुलिस को खबर लगी और तालाब किनारे पेड़ की डालियों तक पहुंच गई। मौके पर पुलिस टीम के आरक्षक आकाश व ग्रामीणों की मदद से बरगद के पेड़ में चढ़कर जाल को निकाला जिसमें 4 तोते फंसे हुए थे जो सूख गए थे। उनको निकालकर वन विभाग को सूचित किया और वन विभाग द्वारा अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। आरोपी राकेश कुशवाहा के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कठोरतम कार्यवाही की जा रही है, आरोपी अभी फरार है।पुलिस द्वारा किये गये मानवीय कार्य में आरक्षक महेंद्र परिहार, आकाश रिछारिया, कुमार शानू, राजेन्द्र मालवीय तथा वन विभाग के अमले का विशेष व सराहनीय योगदान रहा जिनकी बदौलत पंक्षियों के परों को आजादी मिली।




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