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स्व० बालेश्वर लाल ने दी पत्रकारों को नई दिशा: कौन्तेय


ग्रापऐ ने पुण्यतिथि पर वर्चुअल बैठक कर किया याद, जीवनी पर डाला प्रकाश
           संगठन को शसक्त बनाने पर दिया गया जोर

मड़ावरा/ललितपुर(अमित श्रीवास्तव)। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक स्वर्गीय बालेश्वर लाल जी की 34 वी पुण्यतिथि श्रद्धा पूर्वक जिला कार्यालय में वर्चुअल बैठक के रूप में आयोजित की गई। बैठक में संरक्षक स्वर्गीय सतभैया जी को भी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया गया।
    ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के बैनर तले संस्थापक स्वर्गीय बालेश्वर लाल जी की 34 वीं पुण्यतिथि एवं नारद जयंती वर्चुअल बैठक के रूप में आयोजित की गई ।इस अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र के सभी पत्रकार वर्चुअल रूप में बैठक में उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचार व्यक्त कर बालेश्वर लाल जी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को मजबूत मंच देने का कार्य बाबू बालेश्वर लाल जी ने करके ग्रामीण पत्रकारों को एक पहचान दी एवं कलमकारों को एक नई दिशा प्रदान की। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि आज प्रदेश में ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन मजबूत और एक सशक्त संगठन बनकर खड़ा हो गया है ।सभी पत्रकारों ने शब्दों के रूप में अपने श्रद्धा सुमन बाबू बालेश्वर लाल जी का स्मरण करते हुए उन्हें अर्पित किए। आज आद्य पत्रकार नारद जी की जयंती भी सभी पत्रकारों ने मनाई।वक्ताओं ने कहा नारद जी ने पत्रकार के रूप में जो आदर्श स्थापित किए वे आज भी प्रासंगिक हैं। सभी पत्रकारों ने उनके आदर्शों पर चलने का  आज संकल्प लिया। नारद जी के साथ हिंदी पत्रकारिता को जोड़ते हुए जिला अध्यक्ष सुरेश प्रकाश कौन्तेय ने कहा कि हिंदी का सबसे पहला समाचार पत्र उदंड मार्तंड का प्रथम प्रकाशन नारद जयंती से ही  हुआ था। इसी प्रकार से हिंदी पत्रकारिता का पहला विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की प्राचीर पर नारद जी के चित्र के साथ उनके तीन भक्ति सूत्र स्थापित किए गए हैं जो यह दर्शाते हैं कि आद्य पत्रकार महर्षि नारद जी ने ही पत्रकारिता का श्रीगणेश किया था। उन्होंने नारद जी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वह सुख दुख दोनों में समान रूप से समाचारों का आदान प्रदान करते थे ।भयभीत व्यक्ति को समाधान का रास्ता दिखाने और लोकहित में समाचारों का आदान प्रदान करने का आदिकाल में जो कार्य  आज पत्रकारिता का है वही महर्षि नारद जी ने किया था। महर्षि नारद जी के बताए हुए सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और सर्व सर्वकाल में रहेंगे।
 बैठक के अंत में सभी ने संरक्षक स्वर्गीय महेंद्र जैन सतभैया जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की ,2 मिनट का मौन रखा ,साथ ही साथ जनपद में पत्रकारों और महान समाजसेवियों के दुखद निधन पर भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुरेशप्रकाश कौन्तेय, जिला महासचिव आनंद प्रकाश गुप्ता, अंकित सतभैया, तहसील अध्यक्ष राजेंद्र गोस्वामी, शिवेंद्र भदौरिया, प्रियंक सर्राफ, अभिषेक जैन अनोरा, रविंद्र दिवाकर ,रमेश श्रीवास्तव ,नीरज पाराशर, अरविन्द मिश्रा, संदीप मिश्रा, इंद्रपाल सिंह, मजबूत सिंह, राकेश वैद्य, अजीज मोहम्मद , राकेश टोटे, सुनील मिश्रा, जितेन्द्र पाल, अमित श्रीवास्तव, मनोज तिवारी टाटा भैया, आशीष रिछारिया, बहादुर, लवकुश  तिवारी,वृंदावन कुशवाहा निवाई, सहित कई पत्रकार उपस्थित रहे।

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