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जब जब पृथ्वी पर पाप बढ़ता है तब तब भगवान अवतार लेते हैं :- कनक बिहारी

मुंगावली/ नगर के बूढ़े बालाजी मंदिर पर चल रही संगीतमय भागबत कथा में उमड़ रही श्रद्धालुओं भीड़।
नगर के अति प्राचीन बूढ़े बालाजी मंदिर पर संकट मोचन समिति द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा वृंदावन धाम से पधारे श्री कनक बिहारी महाराज ने चतुर्थ दिवस कथा सुनाते हुए कहा कि भगवान के प्रसाद का अपमान करने के कारण तीन लोक श्रीहीन हो गए तब समुद्र मंथन हुआ और इसमें से चौदह रत्न प्रकट हुए। कथा में बोलते कनक बिहारी जी ने कहा कि भगवान वामन ने राजा बलि का उद्धार करने के लिए ही अवतार लिया, भगवान अपने भक्तों के उद्धार के लिए ही बार बार अवतार ग्रहण करते हैं। वहीं गजेंद्र मोक्ष की मार्मिक कथा सुनाते हुए कहा कि जब विपत्ति आती है तो सब साथ छोड़ जाते हैं तब भगवान के नाम के सिवा कोई सहारा नही रह जाता। उन्होंने बताया कि राजा बलि जैसा दानी बिरले ही मिलते हैं । इसके साथ ही इनके द्वारा श्रीराम कथा का संक्षिप्त वर्णन किया राम जन्म की बधाई पर संकट मोचन समिति सदस्यों द्वारा व भक्तों द्वारा नृत्य किया गया। इसके उपरांत श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब जब गऊ और ब्राह्मण पर विपत्ति आती है तब भगवान अवतार लेकर आते हैं और पापियों का विनाश करते हैं। इस अवसर पर समिति के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी सजाई गई और भगवान के दिव्य रूप के भक्तों द्वारा कतारबद्ध होकर दर्शन किये। इस जन्मोत्सव की अवसर पर व्यासपीठ से बधाई गीत गाये गए जिनपर भक्त जमकर झूमे।

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