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विकास खंड मड़ावरा की ग्राम पंचायत जलंधर की महिलाओं ने आवास के नाम पर एडीओ पंचायत आलोक दुबे पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप ।

दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना मड़ावरा में दिया शिकायती पत्र
मडावरा ललितपुर। विकास खंड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत जलंधर की महिलाओं ने ब्लाक मुख्यालय पर हंगामा करते हुए विकास खंड मड़ावरा में तैनात एक प्रभारी एडीओ पंचायत पर आवास के नाम पर पैसा लेकर चयनित आवासों में नाम काटने के गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी व्यथा सुनायी हंगामे की खबर लगते ही थाना मड़ावरा पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्तिथि को संभाला, तब जाकर महिलाओं का आक्रोश शांत हुआ।
      सोमवार को घटित हुई घटनाक्रम में ब्लाक मुख्यालय मड़ावरा पहुंची महिलाओं ने प्रभारी एडीओ पंचायत/सिकेट्री के कार्यालय पहुँचकर ग्राम पंचायत जलंधर के चयनित आवासों में पात्र लाभार्थियों के नामों में मनमानी करने के साथ ही आवास सूची में नाम दर्ज करने के एवज में रूपये लेने के गंभीर आरोप लगाए। महिलाओं ने भारी हंगामा करते हुए उक्त प्रभारी ए डी ओ के द्वारा की जा रही मनमानी तानाशाही पूर्ण कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त करते हुए भारी हंगामा काटा। ज्ञात हो कि उक्त प्रभारी ए डी ओ पंचायत के खिलाफ पूर्व में भी कई ग्राम पंचायतों के प्रधानों द्वारा मोर्चा खोला था लेकिन राजनैतिक पहुँच के चलते तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा मामला रफा दफा कर दिया गया। लेकिन अपने मनमानी पूर्ण रवैये से यह लगातार शुर्खियों में बने रहते है।
वहीं बीते सोमवार को जलंधर निवासिनी धनुषरानी पत्नि लाखन सिंह ने थाना प्रभारी मड़ावरा को शिकायती पत्र देते हुए बताया कि वह और उसके ही गांव की निवासी महिलाएं जब ग्राम पंचायत जलंधर में तैनात ग्राम बिकाश अधिकारी के मड़ावरा ब्लॉक स्थित कार्यालय पर पहुंची। और आवास पात्रता सूची से कटे नाम की जानकारी लेनी चाही, तो उक्त अधिकारी द्वारा बत्तमीजी भरे स्वाभाव में कहा गया कि जब तक हम यहाँ ब्लॉक में कार्यरत हैं तब तक तुम्हारा आवास नहीं बनेगा। इसपर प्रार्थी व् प्रार्थी के साथ मौजूद रहे गाँव के लोगों ने आवास के ऐवज में दिए गए दस हजार रूपये सिकेट्री से बापिस मांगे। इस दौरान प्रभारी एडीओ/सिकेट्री के द्वारा हम लोगों को धमकाया गया और अभद्रता की गई।
वहीं जानकारी मिली है कि पंचायत सिकेट्री ने भी थाने पहुंचकर हंगामा काटने बाली महिलाओं के साथ ही कुछ अन्य के विरुद्ध थाना मड़ावरा में शिकायती पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। फिलहाल दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचकर मामले को सुल्टाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा अगर पंचायतराज विभाग की बात करें तो यह समय के गर्त में छिपा है कि प्रभारी एडीओ पर जो गम्भीर आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं उस पर क्या संज्ञान लिया जाता है।

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