Breaking News

प्रभारी एडीओ पंचायत एवं पांच अन्य के खिलाफ मड़ावरा थाने में मामला दर्ज।

जलंधर निवासी पीड़ित महिलाओं की तहरीर पर थाना मड़ावरा में दर्ज हुआ मुकदमा
अमित श्रीवास्तव मड़ावरा
मड़ावरा(ललितपुर)। बीते सोमवार ब्लॉक मुख्यालय मड़ावरा पर प्रभारी एडीओ/ग्रामपंचायत अधिकारी व् ग्राम जलंधर की ग्रामीण महिलाओं के बीच हुए विवादास्पद घटनाक्रम के बाद प्रभारी एडीओ/ग्राम विकास अधिकारी द्वारा थाना मड़ावरा में दिए गए शिकायती पत्र पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था, मुकदमे के उपरांत मंगलवार को द्वितीय पक्ष की तहरीर पर आखिर थाना मड़ावरा में प्रभारी एडीओ समेत चार नामजद व पांच अन्य के खिलाफ मुकदमा कायम कर लिया गया।
      ज्ञात हो कि बिगत दिवस ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंची ग्राम पंचायत जलंधर निवासी महिलाओं ने प्रभारी ए डी ओ पर आवासों के नाम पर धन उगाही के साथ ही चयनित आवास सूची से नाम काटने के आरोप लगाते हुए हंगामा किया था इसके उपरांत सम्बन्धित प्रभारी एडीओ/ग्रामपंचायत अधिकारी आलोक दुबे ने हंगामा करने वाली ग्रामीण महिलाओं के साथ ही अन्य साथियों के बिरुद्ध शिकायती पत्र सौंपा था और पुलिस ने सुसंगत धाराओं में आरोपियों के बिरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था वहीं द्वितीय पक्ष ने भी थाना मड़ावरा पुलिस को तहरीर देते हुए अपना पक्ष रखा था लेकिन पुलिस द्वारा द्वितीय पक्ष के शिकायती पत्र पर सोमवार को कोई भी कार्यवाही नहीं की गयी थी जो की चर्चाओं का विषय रही हालाँकि बदले घटनाक्रम में एक दिन उपरांत आखिर थाना मड़ावरा पुलिस ने मंगलवार को द्वितीय पक्ष की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया द्वितीय पक्ष द्वारा थाना मड़ावरा पुलिस को दी गयी तहरीर के अनुसार ग्राम जलंधर निवासी बल्लू पुत्र लिद्दू ने बताया कि वह और उनके गांव की रहने बाली धनुषरानी पत्नी लखन, इमरती पत्नी रामचरन, कमलरानी पत्नी कंदे, बड़ीबहू पत्नी पप्पू बिगत सोमवार को ब्लॉक परिसर स्थित कार्यालय गए। जहां पहुंचकर उन्हौनें अपने गांव में कार्यरत ग्रामपंचायत अधिकारी आलोक दुबे से आवास पात्रता सूची से कटे हुए नामों की जानकारी लेनी चाही। इस पर उक्त ग्रामपंचायत अधिकारी के साथ ही मौजूद अन्य साथी आगबावूला हो गए। जो नाहक ही गाली गलौच करने लगे। जब प्रार्थीगणों ने इसका बिरोध किया तो अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धक्का-मुक्की कर दी। और बुरी-बुरी गालियां देते हुए कहा कि जब तक हम यहां हैं, तब तक तुम लोगों का आवास नहीं बनेगा। प्रार्थीगणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है और किसी तरह दस-दस हजार का इंतजाम करके उन्होनें सैकेट्री को दिए थे इसके बावजूद भी उनके नाम पात्रता सूची से विच्छेद कर दिए। पुलिस ने द्वितीय पक्ष से प्राप्त तहरीर के आधार पर आरोपितों के बिरुद्ध धारा 147, 323, 504 के तहत अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक जांच प्रारम्भ कर दी।

कोई टिप्पणी नहीं