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नगर निगम सिंगरौली में स्वच्छता व पेंटिंग के नाम पर पैसे कब बंदरबांट कराने का मास्टरमाइंड फिर आया - अमित सिंह,नहीं बदली सिंगरौली कि अभी तक तस्वीर पैसा हुआ बंदरबाट

नगर निगम सिंगरौली में स्वच्छता व पेंटिंग के नाम पर पैसे कब बंदरबांट कराने का मास्टरमाइंड फिर आया - अमित सिंह


आखिर कई वर्षों से क्यों सिंगरौली में करवाता है कार्य,तस्वीर जस का तस

नहीं बदली सिंगरौली कि अभी तक तस्वीर पैसा हुआ बंदरबाट - देखे जनता कब होगा इसका विरोध


सिंगरौली। सिंगरौली जिले में कई वर्षों से स्वच्छता जागरूकता का कार्यक्रम चलाए जा रहा है वहीं नगर निगम सिंगरौली में जैसे ही सर्वेक्षण वर्ष आता है वैसे ही लोगों को जागरूक एवं डेंटिंग पेंटिंग का कार्य शुरू हो जाता है वह भी सिर्फ दिखावा के लिए जिस सब का मास्टरमाइंड अमित को बताया जा रहा है लोगों ने बताया है कि कई वर्षों से अमित सिंह बाहर का आदमी है जो सिंगरौली नगर निगम में आकर स्वच्छता जागरूकता एवं डेंटिंग पेंटिंग के नाम पर पैसे का बंदरबांट करवाता है 

क्या सिंगरौली में सिर्फ एक ही जागरूकता डेंटिंग पेंटिंग कराने वाला व्यक्ति अमित सिंह ही बचा है कई वर्षों से यह कार्य करा रहा है लेकिन अभी तक सिंगरौली की तस्वीर जस की तस है अब लोगों में इसका विरोध भी होने लगा है कुछ लोगों ने बताया है कि आवश्यकता पड़ी तो नगर निगम का घेराव करेंगे और कमिश्नर एवं अमित सिंह सहित कई वर्षों से जमे अधिकारियों का ट्रांसफर कराने की मांग किया जाएगा जो सिंगरौली को चारागाह बनाकर पैसे का बंदरबांट कर रहे हैं क्योकि सिंगरौली की तस्वीर जस की तस दिख रही है, पैसे का हुआ जमकर बंदरबांट।।

स्वच्छता के नाम पर करोड़ों खर्च, नाली कीचड़ में तब्दील, शहर में कचरे का अंबार


सिंगरौली जिले में कई वर्षों से नालियों का सफाई एवं शहर की सुंदरता पर करोड़ों रुपए खर्च किया गया लेकिन यह करोड़ रुपए खर्च अधिकारी एवं ठेकेदारों के घर पहुंचा क्योंकि कुछ लोगों ने बताया कि इन अधिकारियों के पास आय से ज्यादा की संपत्ति हो गई है 

और शहर की ना तो नालियां साफ हो रही है नाही सुंदरता दिख रहा है आखिर यह करोड़ों रुपए कहां जा रहा है यह समझ से परे है जिसको लेकर राजनीतिक पार्टी एवं सत्ताधारी नेताओं में भी आक्रोश व्याप्त होने लगा है इतना ही नहीं बल्कि कई नेताओं ने तो यह भी बोल दिया कि अगर समय रहते अमित सिंह को यहां से नहीं हटाया गया वही जागरूकता का कार्य कर रही मैट्रिक्स व डिवाइन  एन जी ओ व,कचड़े संग्रह का कार्य कर रही कंपनी सीटाडेल  का बिना शहर को सुंदर किये पेमेंट किया गया तो यैसे अधिकारियों का खैर नही रहेगा।।

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