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नवमी पर डुंगरासन माता मंदिर पर भक्ति भाव के साथ श्रृद्धालुओं ने चढ़ाए जवारे ।


गाजे बाजे के साथ निकली जवारों की सोभा यात्रा गाए भक्ति गीत ।
ललितपुर।  जनपद ललितपुर  की तहसील पाली के गांव डोंगरा खुर्द स्थित सिद्ध क्षेत्र डुंगरासन माता मंदिर पर नवमीं के दिन श्रृद्धालुओं द्वारा जवारो की विशाल शोभायात्रा निकाली गई  इस सोभा यात्रा में करीब 25 गांव के लोग सामिल हुए । परंपरा के अनुसार श्रृद्धालु ढ़ोल नगाड़ों के साथ भारती गीत गाते हुए जवारों को लेकर ङुंगरासन माता मन्दिर पंहुचे वहां पर  विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद माता रानी को जवारे अर्पित किए गए ।  इस अवसर पर श्रृद्धालुओ द्वारा मंदिर परिसर में भजन  कीर्तन आदि का आयोजन किया गया पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में धर्म की गंगा बहती रही ।
ग्राम ङोगरा खुर्द में स्थित प्राचीन ङुंगरासन माता मन्दिर शक्ति पीठ पर जवारों की शोभा  यात्रा निकाली गई मंदिर पर दर्जनों गांव के लोगों द्वारा आसमिन (क्वांर ) के महीने में नव रात्रि में बङे धूमधाम के साथ जगह जगह दैवीय स्वरूपी जवारों को बोया गया था जिस पर नौ दिन दैवीय जवारों की बिधि बिधान से पूजा अर्चना और भजन कीर्तन का आयोजन किया गया । जवारों के दर्शनाथ नौ दिनों तक भक्तों की भीड़ लगी रही जवारों स्थलों पर भक्ति भाव के गीत गूंजते रहे इसके बाद धार्मिक आयोजन नौ दिन पूरे होने पर भक्तों ने नवमी के दिन दैवी स्वरूपी जवारों का विसर्जन दों सौ सीढियां चढकर एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित  ङुंगरासन माता मन्दिर पर परंपरागत रूप से किया गया यहां जवारों का विसर्जन जल में नहीं होता जबकि मंदिर प्रांगण में रखकर विसर्जन होना मानते हैं जबारे विसर्जन कर माता ङुंगरासन से जग कल्याण की कामनाकी गई । विद्वानों द्वारा बताया कि जो आपत्ति काल ङुंगरासन माता के दरवार में संकट पीङा में माँ से प्रार्थना करते हैं और संकट निवारण होने पर दैवीय स्वरूपी जवारों को ङुगरासन माता के नाम बो कर उन्ही दरवार में विसर्जन कर अपनी बोलमा को पूर्ण करते हैं।  रविवार  को सभी स्थानों से जवारों की शोभायात्रा निकाली गई भक्ति गीत गूंजते रहे धर्ममय वातावरण बना रहा रंग गुलाल ध्वजा पटाखा लहराते रहे । इस अवसर दर्जनों गांव के सैकङो की संख्या में  भक्त मोजूद रहे ।

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