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बालिकाओं का सशक्त और आत्मनिर्भर होना जरूरी ।


झाँसी । एक बेटी अपने परिवार का मान सम्मान व अपने माता-पिता का अभिमान होती है। बालिकाएं एवं महिलाएं अपने आप में सकारात्मक दृष्टिकोण को अपनाएं। शरीर और मन स्वस्थ रहें इसके लिए आसन प्राणायाम व योगा को अपनाएं। माता पिता अपनी बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने में उनकी सहायता करें। अपनी बेटियों के साथ दोस्ती का व्यवहार करें जिससे वे अपनी भावनाओं को माता-पिता से सांझा कर सकें । सकारात्मक दृष्टिकोण सुरक्षा की भावना का विकास होता है।
आज  अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर काउंसलर मेघा श्रीवास्तव ने अपने विचारों में कहा कि आज के समय में महिलाओं एवं बालिकाओं को अपने आप में सक्षम व आत्मनिर्भर होना अति आवश्यक है।   वह अपने आप में काबिल बन सके व  अपने आपको सुरक्षित रख सकें। आज हर महिला एवं बालिका अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है । इसलिए प्रशिक्षण व काउंसलिंग के द्वारा समाज की बेटी को सशक्त बनाने में प्रयास करना चाहिए। उन्हें प्रत्येक महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर को याद रखना चाहिए। मार्शल आर्ट एवं सोशल मीडिया का सही उपयोग करें। सरकार के द्वारा प्रदान की गई गाइडलाइन का उपयोग करें। आज के स्मार्ट व डिजिटलाइजेशन के समय में बेटियों को साइबर क्राइम से भी सचेत होना आवश्यक है।
जितनी जरूरत शारीरिक रूप से स्वस्थ होने की है उतनी ही मानसिक रूप से स्वस्थ होना भी जरूरी है। यदि आपका मानसिक स्वास्थ्य अच्छा है और आत्मविश्वास से भरा हुआ है तो यह आप को सुरक्षा प्रदान करेगा। छात्राओं को डर कर रहने की बजाएं अपने को सक्षम और जागरूक बनाने की जरूरत है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर यदि किसी अनजान नंबर से मैसेज या कॉल के द्वारा आपको परेशानी समझ आए तो सबसे पहले उस नंबर को ब्लॉक कर दें उसके बाद फेसबुक पर जिस किसी के प्रोफाइल की जानकारी आपको नहीं है उसे अपने फेसबुक अकाउंट में ना जोड़ें। इसके साथ ही यदि कोई अनजान व्यक्ति किसी भी तरीके के द्वारा किसी भी महिला या बेटी को परेशानी हो तो वह महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। शिकायतकर्ता का नाम व पता गुप्त रखा जाएगा ।

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