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लंबित वेतन मान के विरोध में विधुत संविदा कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन ।


ललितपुर:- प्राप्त जानकारी अनुसार विद्युत विभाग की रीढ़ की विद्युत संविदा कर्मी आज अपनी मूल समस्याओं से जूझ रहे हैं समस्याओं के निदान के लिए अवर अभियंता व ठेकेदार से कई दफा शिकायत मौखिक रूप से कर चुके हैं लेकिन उनकी समस्याओं का निदान नहीं हो पा रहा है ऐसे में सभी संविदा कर्मी अपनी समस्या के निदान के लिए उच्च अधिकारियों के पास आने को विवश हुए समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एवं पूर्व की लंबित वेतन दिलाए जाने की मांग करते हैं
मुख्य समस्याएं सभी संविदा कर्मी खतरों से खेल कर दिन भर लाइनों के फाल्ट सुधारे जाने के साथ-साथ राजस्व वसूली कार्य में लगे रहते हैं लेकिन संविदा कर्मचारियों का मानदेय कई-कई माह तक नहीं दिया जाता है ऐसे में उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ता है वर्तमान में 3 माह का वेतन अभी भी लंबित है इस को तत्काल दिलाई जाए साथ ही यह मानदेय नियमित रूप से माह के प्रथम सप्ताह में दिया जाए विगत 4 वर्ष पूर्व विद्युत वितरण खंड ललितपुर में संविदा कर्मचारी ठेका का काम कर रहे मां लक्ष्मी इंटरप्राइजेज के द्वारा एक माह का वेतन अभी तक नहीं दिया गया जिससे संविदा कर्मचारी काफी परेशान है कई बार मौखिक लिखित रूप से शिकायत की गई लेकिन ठेकेदार व अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई नहीं की गई। ई पी एफ का भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतें बनी हुई है ठेकेदार द्वारा तमाम अनियमितताएं बरती गई कई दफा संपर्क किया गया लेकिन किसी भी संविदा कर्मचारी के ईपीएफ व वेतन संबंधी विवरण का ब्यौरा आज तक नहीं दिया गया संविदा कर्मचारी संगठन के समक्ष कैंप लगाकर और उनके वेतन एवं ईपीएफ आदि का विवरण प्रस्तुत किया जाए संविदा स्टाफ दिनभर जान जोखिम में डालकर विद्युत लाइन सुधारे जाने के कार्यों में लगे रहते हैं लेकिन सुरक्षा उपकरण के पास ना के बराबर रहते हैं यही नहीं कर्मचारियों को कई दफा देखा गया है कि वह बिना सुरक्षा उपकरण के हाथों से लाइनों के फाल्ट सुधारते देखते हैं कृपया ठेकेदार से सभी लाइन स्टाफ को सुरक्षा उपकरण दिलाए जाने की मांग की है साथ ही नेशनल कंपनी द्वारा सभी संविदा कर्मचारियों का विगत 3 माह पूर्व से लंबित वेतन तीन कार्य दिवस के अंदर दिलाए जाने की मांग की अन्यथा की स्थिति में सभी संविदा कर्मचारी पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व कंपनी एवं विभागीय अधिकारियों का होगा।

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