Breaking News

खनिज, राजस्व और पुलिस की जुगलबंदी में चल रहा है अवैध खनन का खेल ।



प्रतिदिन लाखों घन मीटर मौरंग और ग्रेनाइट के खंडों का हो रहा है उत्खनन ।

ललितपुर (रमेश श्रीवास्तव)। जनपद ललितपुर के जाखलौन क्षेत्र में इन दिनों अबैध खनन का कारोबार खूब फल फूल रहा है इस क्षेत्र में खनिज संपदा का परिवहन होते देखा जा सकता है।इस  सम्बंध में पिछले महीने एक  भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष  ने पटोरा कलां में अवैध खनन की शिकायत भी की थी । लेकिन समबंधित विभाग ने कागजी घोड़े दौड़ाने के सिवा कुछ नही किया जाखलौन एवं आसपास के क्षेत्र में 
 ग्रेनाइट खंडा,अवैध मौरंग और नदियों से बालू निकालने का कार्य पूरे जनपद में बेरोकटोक जारी है।जिम्मेदार विभाग खनिज,राजस्व और पुलिस महकमा की मिली भगत या मौन स्वीकृति से यह धंधा खूब फल फूल रहा है । जेसीबी मशीन और कई राजस्थान में पंजीकृत डम्फर दिन दहाड़े परिवहन करते दिखाई दे रहे हैं ।जब इनसे पूछा जाता है तो इनके द्वारा रेलवे की आपूर्ति करना बताया जाता है जबकि ये कई निजी निर्माण कार्यों में भी  अवैध मोरंग की विक्री करते हुए देखे जाते हैं। कस्बा जाखलौन और आसपास के गांवों में में तो ग्राम सभा की भूमि में अवैध खनन एक व्यवसाय का रूप ले चुका है।इसके चलते हरे भरे जंगलों, पहाड़ों और पर्यावरण को गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।कस्बे के पीछे बारौद नेहरूनगर मार्ग पर श्मशान घाट के पास जेसीबी से लाखों घन मीटर मोरंग को खोद कर अवैध तरीके से बेच दिया गया है। यदि इस पर रोक नही लगाई गई तो पूरा पहाड़ फिसल जाएगा।कुछ वर्षों पूर्व इस पहाड़ पर घने जंगल थे परंतु खनिज माफियाओं की कुदृष्टि ने इनके अस्तित्व को ही चुनोती दे डाली है।इसी प्रकार नरसिंह मंदिर के पीछे पंप कैनाल रोड पर अवैध उत्खनन के चलते एक दर्जन बड़े बड़े गडढे जिनसे लगभग तीस हजार घन मीटर मोरंग निकालकर बेची गयी।जाखलौन देवगढ़ राजमार्ग से लगभग 500 मीटर दूर पंप कैनाल रोड पर गड़न  में जंगलों को नष्ट कर बड़े बड़े गड्ढे खोद दिए गए है और मोरंग को बेच दिया गया है ।ऐसा नही कि ये स्थान कहीं अधिकारियों की नजर से दूर हों। ये सब स्थल मुख्य मार्गों पर स्थित हैं ,जिनकी सम्पूर्ण जानकारी  खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग को  रहती है। ऐसा लगता है कि इन तीनो विभागों का घालमेल है, तू भी चुप मैं भी चुप का खेल कई दिनों से चल रहा है ।जहां लोकडाउन में इसको बड़े स्तर पर किया गया।
कस्बे के पास रेलवे लाइन के किनारे सिद्ध बाबा की टोरिया को भी अवैध खनन कर्ताओ ने नही छोड़ा उसका भी जेसीबी से सीना छलनी कर दिया गया। आलापुर,ककरूवा सहित कई किसानों के खेतों को खरीद कर उनमें से बिना राजस्व चुकाए पूरे जिले में खनन कार्य किया जा रहा है।जिसे रेलवे का काम बताकर वैधता प्रदान की जा रही है जिले का जिम्मेदार खनिज विभाग इस प्रश्न पर मौन धारण कर लेता है।क्या रेलवे का ठेकेदार बिना खनिज रॉयल्टी चुकाए लाखों घन मीटर मिट्टी का खनन कर सकता है तो फिर एक एक ट्राली मिट्टी के लिए किसानों पर हजारों रुपये जुर्माना कैसे कर दिया जाता है।
बताते चलें  ग्राम घुटारी उत्तमधाना में शहज़ाद नदी से प्रतिदिन औसतन 20 ट्राली बालू अवैध रूप से निकालकर ललितपुर और पाली भेजी और बेची जाती है जिसकी खनिज विभाग को कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें की गई परंतु अवैध खनन पर रोक लगना तो दूर शिकायत कर्ताओं को धमकियां जरूर मिलती है।खनिज माफिया गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी देकर चुप करा देते हैं।भाजपा मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी कौशिक ने नवागंतुक जिलाधिकारी से जिले के पहाड़ों, जंगलों और पर्यावरण को संरक्षण दिए जाने की मांग की है।

कोई टिप्पणी नहीं