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बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने में मददगार है गाय का दूध ।


सांसद अनुराग शर्मा ने कुपोषित बच्चों के परिवारों को दी दुधारू गाय ।
ललितपुर। कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को एक-एक गाय देने की मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बिरधा ब्लाक के कल्याणपुरा गांव के कुपोषित बच्चों के परिवार वालों को दुधारू गाय दी गयीं। कुपोषण को जड़ से मिटाने के संकल्प के साथ ग्राम कल्यानपुरा गौशाला से 15 कुपोषित बच्चों के परिवारों को सांसद अनुराग शर्मा ने यह गाय भेंट की। गायों के भरण- पोषण के लिए हर माह 900 रुपये लाभार्थी के खाते में पशु पालन विभाग द्वारा दिए जायेंगे।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि गाय का महत्व वैदिक काल से रहा है। गाय का दूध, गोबर, मूत्र सबमें औषधि तत्व पाए जाते हैं। धार्मिक रूप से भी गाय अत्यंत महत्वपूर्ण पशु है, जिसमें देवी-देवताओं का वास होता है। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने में गाय का दूध बहुत ही कारगर साबित होगा। लाभार्थी गायों का सही से ख्याल रखें। समय से चारा-पानी दें तो घर में भी खुशहाली आएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि विकास खण्ड बिरधा में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र पर पंजीकृत 15 बच्चों को दुधारू गाय दी गई हैं। उन्होंने कुपोषण को खत्म करने के लक्ष्य से शासन द्वारा शुरू हुई इस मुहिम को सफल बनाने का आह्वान किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष के पोषण माह का उद्देश्य कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण और पोषण वाटिका लगाना था। यह अभियान 1 सितम्बर से 30 सितंबर तक संचालित हुआ। सीडीपीओ बिरधा नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 1124 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। पोषण माह के दौरान 0-5 वर्ष के बच्चों की संख्या 95173 के सापेक्ष्य में 88493 बच्चों का वजन किया गया है। उनमें से 83840 बच्चे सामान्य, 4673 अति कुपोषित व कुपोषित (सैम और मैम) की श्रेणी में हैं। उन्होंने बताया कि इस माह 22 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पोषण वाटिका पर अधिक जोर रहा, 665 आंगनवाडी केन्द्रों पर और 9631 लाभार्थी (गर्भवती, कुपोषित) परिवारों के घरों में यह वाटिका लगाई जा रही है। पोषण वाटिका में मुख्यत: सब्जी, फल, औषधि आदि के पौधों का रोपण किया जाता है। नींबू, सहजन, तुलसी, पपीता, सेम, कड़ी पत्ता, आम, अमरुद, कद्दू, तुरई, अदरक, गाजर, आंवला, गोभी मेथी, पलक आदि के पौधे रोपे गए हैं। उन्होंने बताया कि 2001 कुपोषित बच्चों को दुधारू गाय बांटने का लक्ष्य है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.कृष्ण शाक्य, ग्राम प्रधान कल्याणपुरा ऊदल सिंह एवं अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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