Breaking News

आयुक्त झांसी सुभाषचन्द्र शर्मा ने गोविन्द सागर बांध एवं जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया।

ऑपरेशन थियेटर में नहीं मिली ऑक्सीजन की उपलब्धता
दन्त चिकित्सक मनीष माथुर के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश । 
मण्डलायुक्त ने जतायी नाराजगी, व्यवस्थायें सुधार करने के दिये निर्देश। 

गोविन्द सागर बांध का भी किया निरीक्षण ।


ललितपुर(रमेश श्रीवास्तव )। आयुक्त झांसी सुभाषचन्द्र शर्मा ने गोविन्द सागर बांध एवं जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई ने आयुक्त को अवगत कराया गया कि वर्तमान में बांध में जल का स्तर 1191.10 फुट है, अगस्त माह के अंत तक बांध में 1193 फुट पानी भरना है। उन्होंने कहा कि इससे अधिक जल स्तर होने पर बांध से पानी छोड़ दिया जाएगा। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिये कि बांध से पानी छोडऩे से पूर्व बांध के बहाव क्षेत्र मेें आने वाले क्षेत्रों में निवासरत लोगों को पूर्व सूचना दी जाये कि बांध से पानी छोड़ा जा रहा है, वे समय से किसी सुरक्षित स्थान पर चले जायें। गोविन्द सागर बांध के निरीक्षण के उपरान्त आयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने सर्वप्रथम कोविड हेल्प डेस्क पर अपनी थर्मल स्कैनिंग व ऑक्सीजन की मात्रा की जांच करायी, जो सामान्य पायी गई। इसके उपरान्त आयुक्त ने चिकित्सालय के इमरजेंसी आउटडोर का निरीक्षण किया। यहां पर डा.अमित चतुर्वेदी ने बताया कि आज 05 मरीज इमरजेंसी वार्ड में आये हैं, जिन्हें उपचारित किया गया है। यहां पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। साथ ही जनरल ओपीडी ऊपर संचालित है। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिये कि जनरल ओपीडी को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट करेें, जिससे मरीजों को सुविधा हो सके। आयुक्त ने मौके पर उपस्थित मरीजों व उनके परिवार वालों से उन्हें दी जा रहीं स्वास्थ्य सेवाओं एवं ड्रेसिंग रुम के बारे में चर्चा की, जिस पर मरीजों द्वारा उन्हें दी जा रहीं सेवाओं से संतुष्टि जाहिर की। मौके पर ड्रेसिंग होती हुई पायी गई। तत्पश्चात आयुक्त ने इमरजेंसी ओटी व जनरल ओटी को भी देखा। यहां पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष) द्वारा बताया गया कि ओटी में प्रतिदिन ऑपरेशन किये जाते हैं। आज ओटी में मोतियाबिंद के 02 ऑपरेशन होना हैं तथा 02 केस अपेन्डेक्स के हैं। मौके पर सीलिंग से पानी टपकता हुआ पाया गया, साथ ही ओटी में ऑक्सीजन सप्लाई भी नहीं थी, इस पर आयुक्त द्वारा नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिये गए कि अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जायें, तथा इमरजेंसी में अधिक से अधिक लोगों को उपचारित किया जाए। कहीं भी कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इसके उपरान्त आयुक्त द्वारा ओपीडी का निरीक्षण किया गया। यहां पर नेत्र परीक्षण कक्ष एवं फिजिशयन कक्ष में कोई भी चिकित्सक या फिजिशियन उपस्थित नहीं पाया गया, इस पर आयुक्त द्वारा घोर नाराजगी जाहिर की गई। चर्म रोग कक्ष में परामर्शदाता अतुल ट्रैकशूट व टीशर्ट में पाये गए, जिस पर आयुक्त ने कड़ी फटकार लगाते हुए शासन द्वारा निर्धारित यूनिफार्म में कार्य करने के निर्देश दिये गए। दन्त चिकित्सा कक्ष के निरीक्षण के दौरान कक्ष में चिकित्सक मनीष माथुर उपस्थित नहीं पाये गये, कारण पूछने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा बताया गया आज उक्त चिकित्सक की ओपीडी नहीं तो सम्भवत: घर पर होंगे, इस पर आयुक्त ने उक्त चिकित्सक के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। उक्त के अतिरिक्त आयुक्त महोदय द्वारा जिला चिकित्सालय के नाक, कान रोग कक्ष, फिजिशियन कक्ष, नवजात शिशु कक्ष सहित अन्य कक्षों का भी निरीक्षण किया। साथ ही निर्देश दिये कि चिकित्सक ड्यूटी के दौरान पूरे समय उपस्थित रहें, चिकित्सालय में नियमित रुप से साफ-सफाई व सैनेटाइजेशन करायें, तथा समस-समय पर स्वास्थ्य कर्मियों व अस्पताल के सफाई कर्मचारियों की कोविड जांच कराते रहें। निरीक्षण के दौरान जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कोई टिप्पणी नहीं