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जनपद पंचायत पलेरा की कई पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर दोषियों पर क्यों नहीं हो रही एफआईआर ।


जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत गुड़ा नजदीक पाली में भारी भ्रष्टाचार का मामला उजागर ।
  कमिश्नर , कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के आदेशों की हो रही अवलेहना ।

टीकमगढ़/पलेरा ।   जनपद पंचायत पलेरा की ग्राम पंचायत गुड़ा नजदीक पाली में भारी भरकम भ्रष्टाचार  का मामला उजागर हुआ है जनपद पंचायत पलेरा के पत्र क्रमांक 2498 दिनांक 15-10-2019 को जिला पंचायत टीकमगढ़ को ग्राम पंचायत गुड़ा नजदीक पाली द्वारा प्रधानमंत्री आवास एवं मनरेगा में भारी भ्रष्टाचार का प्रतिवेदन भेजा गया था जिसमें 56.49 लाख का  गबन सिद्ध हुआ जिस पर जिला पंचायत टीकमगढ़ द्वारा जांच प्रतिवेदन कमिश्नर संभाग सागर को भेजा गया जिस पर कमिश्नर संभाग सागर ने इतनी भारी-भरकम शासन की राशि के गबन हेराफेरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए पत्र क्रमांक 1124 /4-2/20 दिनांक 09 -07- 2020 को राशि का दुरुपयोग होने एवं  जयप्रकाश पटेरिया सचिव ग्राम पंचायत  गुड़ा नजदीक पाली पर दोष सिद्ध होने पर निलंबित किया गया और अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़ को पत्र जारी किया गया जिला पंचायत द्वारा पत्र के क्रमांक 2843 दिनांक 31-07-2020 को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलेरा को जयप्रकाश पटेरिया सचिव के विरुद्ध शासकीय राशि में हेराफेरी करने पर अपराधिक प्रकरण संबंधित आदेश जारी हुआ जिसमें थाने में एफ आई आर दर्ज करा कर अवगत कराएं का आदेश जारी हुआ अब आखिर में देखना यह है की इतनी भारी-भरकम राशि 56.49 लाख के गबन के बाद भी दोषियों के विरुद्ध अब तक एफ आई आर दर्ज क्यों नहीं की जा रही है जबकि वशिष्ट अधिकारियों द्वारा स्पष्ट पत्र जारी किया गया है लेकिन कछुआ गति जांच पड़ताल और विलंब से यह सिद्ध होता है कि वरिष्ठ अधिकारियों के पत्रों को स्थानीय अधिकारी उतनी प्राथमिकता से नहीं लेते हैं और कुछ ऐसे ही दोषियों को संरक्षण देने में मदद करते जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलेरा को पत्र जारी कर भारी-भरकम राशि 56.49 लाख के गबन पर एफ आई आर दर्ज करा देना चाहिए थी इतनी बड़ी राशि पर भी अधिकारी कितनी गंभीरता दिखाते हैं जिससे यह प्रतीत होता है की छोटी मोटी गड़बड़ी या तो यहां के आला अधिकारी अपने लेवल पर ही सांठगांठ करके निपटा लेते होंगे विकास आयुक्त कार्यालय मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक 12961/सीएमएस/-93/22/वि-15/शिकायत/2019 भोपाल दिनांक 18 12 2019 एवं संयुक्त आयुक्त (विकास)सागर संभाग सागर का पत्र क्रमांक 1125/ 4-2 /20 सागर दिनांक 9 7 2020 के पत्रों के आधार पर लेख किया गया जनपद स्तर पर इतनी राशि वसूल करने की क्या कार्रवाई की गई अगर कोई कार्यवाही नहीं की गई तो कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी दोषी है और इस मामले में संलिप्त हैं इसका भी प्रस्ताव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टीकमगढ़ के पत्र क्रमांक 2848 दिनांक 31 साथ 2020 द्वारा मांगा गया है इतने बड़े मामले में और लापरवाही बरतने वाले अधिकारी आगे कौन-कौन होंगे उन पर क्या कार्रवाई होगी  आखिर में देखना बड़ा लाजी होगा कि क्या कार्रवाई इन पंचायतों की अधिकारियों पर होती है इसी तरह ग्राम पंचायत बूदौर और तमाम पंचायतें हैं जिनमें गड़बड़ी और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर बढ़ता ही जा रहा है और कार्यवाही के नाम पर लीपापोती हो रही है टीकमगढ़ कलेक्टर सुभाष द्विवेदी के संज्ञान में भी मामला है ।

 इनका कहना है ।
 कमिश्नर के यहां से  पत्र आया था जिस पर जिला पंचायत सीईओ ने पत्र जारी कर रोजगार सहायक एवं सचिव को सस्पेंड किया है प्रधानमंत्री आवास एवं मनरेगा में भ्रष्टाचार करने के मामले में यह कार्यवाही की गई है वसूली की कार्रवाई होगी 52.49 लाख का गबन हुआ है राशि तो हितग्राहियों के खाते में ही गई है अब यह वसूली की जाएगी वेतन से कटेगा आगे प्रोसेस चल रही है शासन अपराधिक मामला दर्ज कराती है या नहीं सभी को स्पष्ट मामले की जानकारी प्राप्त हो जाएगी ।
मनीष त्रिपाठी 
ब्लॉक समन्वयक 
प्रधानमंत्री आवास जनपद पंचायत पलेरा

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