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पुलिस से प्रताडि़त किसान से मिले सपा पांच दिन में दर्ज नहीं हो सकी एफआईआर ।


ललितपुर (रमेश श्रीवास्तव ) । थाना जखौरा के ग्राम बांसी अंतर्गत मजरा खिरकन में 12 अगस्त की रात कुत्तों ने एक बकरा खा लिया था। बकरा मालिक जस्सू ने मोहल्ले के ही सिरनाम यादव के कुत्तों द्वारा बकरा खाने की तहरीर 13 अगस्त को पुलिस चौकी बांसी में दी थी। तहरीर मिलते ही पुलिस 64 वर्षीय सिरनाम यादव को पकड़ लायी और दिन भर चौकी में बैठाने के बाद रात को यह कहकर छोड़ दिया था कि सुबह आ जाना। अगले दिन सुबह 14 अगस्त को सिरनाम पुलिस चौकी पंहुचा तो वहां मौजूद कांस्टेबिल यादवेन्द्र सिंह गुर्जर ने सिरनाम के कान गरम करते हुए उसके साथ जमकर अभद्रता की और समझौता कर लेने का दबाब बनाया। पुलिस के भय से सिरनाम ने 19 सौ रुपये देकर समझौता कर लिया। आरोप है कि 14 अगस्त को ही बकरा मालिक गांव के एक और किसान ज्ञान कुशवाहा को पुलिस चौकी बुला लाया और ज्ञान का कुत्ता भी बकरा खाने में शामिल होने की बात कहने लगा, जबकि बकरा मालिक ने 13 अगस्त जो तहरीर दी थी उसमें ज्ञान कुशवाहा का नाम ही नहीं था। यह भी आरोप है कि ज्ञान कुशवाहा चौकी आया तो कांस्टेबिल यादवेन्द्र सिंह ने सिरनाम की तरह ज्ञान कुशवाहा से अभद्रता करते हुए वर्दी का रौव दिखाकर  6 हजार रुपये झटक लिए। सिरनाम यादव और ज्ञान कुशवाहा ने पुलिस द्वारा मारपीट करने एवं वर्दी का रौव दिखाकर जबरन रुपये ले लेने की बात को लेकर ग्रामीण 15 अगस्त को सिरनाम को लेकर पुलिस चौकी पंहुचे इस पर चौकी इंचार्ज ओमकार सिंह ने शाम तक का समय मांगते हुए दोषी के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन दिया। लेकिन चौकी इंचार्ज ने एक दिन का समय निकाल दिया कोई कार्यवाही नहीं की तो 16 अगस्त को दर्जनों ग्रामीण थाना जखौरा पंहुचे और यादवेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराये जाने हेतु तहरीर देकर प्रदर्शन किया। यह मामला शोसल मीडिया एवं मीडिया में आने से जंगल में आग की तरह फैल गया। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले को अपनी फेस बुक आइ डी से लिखकर बहुचर्चित बना दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 अगस्त को अपर पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया कि आरोपी पुलिस वाले को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पीडित की डाक्टरी करायी जा रही है एवं इस प्रकरण की जांच सी ओ तालबेहट से करायी जा रही है। पांच दिन बाद भी दोषी पुलिस वाले के खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा जा सका है। लेकिन पीडित द्वारा तहरीर दिए पांच दिन में भी पुलिस वाले के विरुद्ध दी गयी तहरीर पंजीकृत नहीं की गयी है आरोप पुलिस वाले खो बचाने के लिए प्रयास जारी है। इस मामले को राजनैतिक दलों ने गंभीरता से लिया है। मंगलवार को कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल ने पीडित किसान से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। आज गुरुवार को सपा जिलाध्यक्ष तिलक यादव एड. के निर्देशन में सपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य/जिला सचिव स्वामी प्रसाद यादव की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल पीडित किसान से मिला और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया एवं पार्टी के अध्यक्ष अखलेश यादव तक इस उत्पीडन की जानकारी पंहुचाने की बात कही गयी। इस दौरान सुरेश यादव, आशाराम रैकवार, वीर पाल यादव राघवेन्द्र यादव बन्ना मौजदू रहे।

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