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मध्यप्रदेश में सुरक्षित नहीं है पत्रकार, आए दिन हो रहे पत्रकारों पर हमले सत्ता पक्ष और विपक्ष मौन ।


टीकमगढ़/मोहनगढ़। देश का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों पर मध्यप्रदेश में आए दिन हो रहे जानलेवा हमले। सत्यता दिखाने वाले  चौथे स्तंभ की आवाज दबाने के लिए फंसा दिया जाता है झूठ केस में। अब तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए कि अगर कोई पत्रकार किसी अपराधी या माफियाओं की पोल खोल दे तो उन्हें अपनी जान से हाथ धोने पड़ते हैं ।जी हां सही कहा इस बात को पूर्ण रूप से निवाड़ी जिले की यह घटना सिद्ध कर देती है।
विगत 22 जुलाई को निवाड़ी जिले में दैनिक नईदुनिया  के पत्रकार सुनील तिवारी ने दबंगों  के खिलाफ  कुछ काले खुलासा किए थे।  जिससे दबंग  लंबे समय से  पत्रकार को  जान से मारने की धमकी दे रहे थे  जिस पर आशंका जताते हुए पत्रकार  सुनील तिवारी  ने  संबंधित थाना  एवं  पुलिस कप्तान एवं कलेक्टर  निवाड़ी को आवेदन देकर अवगत कराया था । जब पत्रकार सुनील तिवारी निवाड़ी से अपने निवासी घर पुतरी खेरा की ओर लौट रहा  था उसी समय पहले से रास्ते में घात लगाए बैठे दबंगों ने पत्रकार सुनील तिवारी  पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया था और बेरहमी से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था । अपने ऊपर आशंका जताते हुए
 एक वीडियो भी पत्रकार ने वायरल किया था जिसमें उसने प्रशासन व आम नागरिकों से अपनी जान की सुरक्षा मांगी थी। इतना गंभीर विषय होने के बाद भी  थाना सैदरी पुलिस ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया और उसका यह परिणाम निकला कि अंत में पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई ।टीकमगढ़ निवाड़ी पुलिस इस बात के लिए विख्यात है कि इनके चंगुल से कोई अपराधी ज्यादा समय तक दूर नहीं रह सकता मगर सोचने की बात है कि आज घटना के 5 दिन बीत जाने पर भी किसी अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया गया जिस पर आज पूरे टीकमगढ़ निवाड़ी जिले में सभी पत्रकारों ने एक ज्ञापन दिया है। और पुलिस प्रशासन  को चेतावनी दी  की शीघ्र अति शीघ्र अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो  पूरे मध्य प्रदेश व देश में सभी पत्रकार व्यापक रूप पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे ।इसी कार्यक्रम में मोहनगढ़ के सभी पत्रकारों ने मोहनगढ़ तहसीलदार को  मध्य प्रदेश के गृहमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें पत्रकारों ने शासन-प्रशासन कुछ मांगे रखी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा शहीद पत्रकार सुनील तिवारी के परिवार के किसी एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए तथा 5000000 की आर्थिक मदद की जाए।

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