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ओरछा के राजा पूरे परिवार के साथ झूले में विराजेंगे श्रीरामराजा सरकार ओरछा

  
       सावन तीज का पर्व समूचें बुंदेलखण्ड में पारंपरिक रूप से मनाया जाता है। इस अवसर पर तमाम मंदिरों के साथ ही लोग अपने घरों में भगवान के लिए झूले डालते है। आज सावन तीज के अवसर पर बुंदेलखण्ड की अयोध्या कहे जाने वाले ओरछा के श्रीरामराजा मंदिर में भी झूला डाला जाएगा और भगवान तीन दिन झूले पर ही सवार रहेंगे। कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष श्रद्धालुओं को भगवान के झूले पर दर्शन नहीं हो पाएंगे।


आज सावन तीज के अवसर पर  सभी प्रमुख मंदिरों में भगवान के लिए झूले डाले जाएंगे। वहीं लोग भी अपने भगवान के लिए घरों में झूले डालेंगे। आज गुरुवार को सावन तीज के अवसर पर श्रीरामराजा मंदिर ओरछा में भी भगवान के लिए झूला डाला जाएगा। भगवान यहां पर पूरे परिवार के साथ तीन दिन झूले पर विराजमान रहेंगे। मंदिर प्रबंधन ने इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली है।

 


 12 बजे खुलेंगे पट ।
ओरछा में श्रीरामराजा सरकार तीन दिन झूले पर दर्शन देंगे। आज सावन तीज के अवसर पर भगवान का मंदिर 12 बजे खुलेगा। हालांकि इस बार श्रद्धालुओं के लिए मंदिर बंद है, ऐसे में पुजारी भगवान को गर्भगृह से चौक में सजाए गए झूले पर विराजमान करेंगे और दोपहर 12 आरती-पूजा की जाएगी। भगवान यहां पर 25 जुलाई तक विराजमान रहेंगे। 25 जुलाई को शयन आरती के बाद उन्हें वापस गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा।


नहीं होगा गोट गायन।
विदित हो कि हर बार सावन तीज के अवसर पर पंचमी को मंदिर परिसर में गोट गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन राजशाही दौर से भगवान के ओरछा आगमन से निरंतर चल रहा है। यह पहला अवसर होगा, जब यहां पर गोट गायन प्रतियोगिता नहीं होगी। इस प्रतियोगिता में समूचे बुंदेलखण्ड के लोक गायक पहुंचते है। इस प्रतियोगिता में विजेता को मंदिर प्रबंधन द्वारा 5 किलो प्रसाद एवं 1100 रुपए का पुरूस्कार दिया जाता है।


 

अन्य मंदिरों में भी होगा आयोजन।
इसके साथ ही जिले के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी भगवान के लिए झूले डाले जाएंगे। कुण्डेश्वर मंदिर, नजरबाग मंदिर, प्रसन्न राघव मंदिर के साथ ही अन्य मंदिरों में भगवान के लिए झूला डाला जाएगा। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते कुण्डेश्वर मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया है।

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