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कैसे थे वह 14 दिन

वेबिनार के माध्यम से कोरोना फाइटर्स के साथ एक खास बातचीत
स्वेच्छा से लिया गया एकांतवास आत्मबल में वृद्धि करता है
ललितपुर। बेसिक शिक्षा परिषद के विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों की टीम द्वारा एक और ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया गया। इस बेबीनार में कुछ ऐसे साथी कोरोना फाइटर्स जिन्होंने अपने आत्मविश्वास और संयमित दिनचर्या की दम पर कोरोना वायरस को हराया और आज एक स्वस्थ्य एवं सुरक्षित जीवन जी रहे है, साथ ही साथ चिकित्सक एवं मनोचिकित्सक द्वारा कोरोना से जुड़े सही तथ्यों एवं गलत भ्रांतियों को भी बताया गया। 
वेबिनार में सबसे पहले कोरोना फाइटर्स के रूप में ललित निरंजन जुड़े, जो पेशे से एक सरकारी विद्यालय में सहायक अध्यापक है, आप के द्वारा शुरुआती शारीरिक परेशानियों एवं लक्षणों के साथ कोरोना धनात्मक होने के बीच की कशमकश को सभी साथियों के साथ सांझा किया गया और साथ ही आप द्वारा यह भी बताया कि इससे डरना नहीं है आपका अपना आत्मविश्वास ही आपको फाइटर्स बनाता है। ललित के बाद हमारे साथ अगले कोरोना फाइटर्स के रूप में जुड़े अरविंद उपाध्याय जो पुलिस महानिदेशक पद से सेवानिवृत हुए है। आप द्वारा बताया गया कोविड-19 का आइसोलेशन वार्ड संभवत: गलवान घाटी से भी भयानक है। सभी भाई- बहनों, बच्चों और परिवार के सदस्यों के प्यार, स्नेह, चिन्ता और प्रार्थनाओं के फलस्वरूप मैं कोरोना वायरस से सफलता पूर्वक लड़ कर सुरक्षित वापस घर आ सका। स्वेच्छा से लिया गया एकांतवास आत्मबल में वृद्धि करता है। जबकि विवशता में दिया गया एकांतवास मन, प्राण, बुद्धि और आत्मा पर प्रहार करता है। साहस को तोडऩे का प्रयास करता है। ऐसा प्रतीत होता था कि संभवत: अब अपने लोगों को और अपने घरों को मैं नहीं देख पाऊँगा और न कोई मुझे देख पाएगा। लेकिन जब तुम सब लोगों के फ़ोन आते तो मैं ऐसे विचारों को झटक कर मन से निकाल फेंकता। लेकिन फिर रात में सोते समय निशब्द शांति में लगता कि जैसे बर्फ़ के समान ठंडी मृत्यु बग़ल में ही लेटी है, न जाने कब उठ कर दबोच ले। फिर ऐसा प्रतीत होता कि कोई स्नेहिल हाथ- संभवत: ईश्वर का- मेरा सर सहला कर सांत्वना दे रहा है। मैं ईश्वर का स्मरण कर पुन: कोरोना से लडऩे के लिए दोगुनी शक्ति से तत्पर हो जाता। मैं मरने से नहीं डरता। यह तो अटल सत्य है परन्तु ऐसी लावारिस मृत्यु नहीं चाहता था। भीषण अनुभव था। इसी क्रम में कोरोना महामारी पर समझ एवं जागरूकता पर अपने प्रस्तुतिकरण के साथ जुड़ी डा.स्वाति मिश्रा, संयुक्त राज्य अमेरिका से जिन्होंने कोरोना वायरस से जुड़ी सही तथ्यों एवं गलत भ्रांतियों को भलीभांति समझाया। इसके बाद हमारे साथ जुड़े मनोचिकित्सक निम्बलकर (नागपुर यूनिवर्सिटी) ने कोरोना महामारी से निपटने का मूल मंत्र आपका अपना आत्मबल और आत्मविश्वास बताया। अगली कोरोना फाइटर्स के रूप में निर्मला सोनी जो पेशे से एएनएम है ,आपने भी अपने भाव सांझा किये जो उन चौदह दिनों में जिये। तदुपरांत हमारे साथ जुड़ी तिरुपति से एस.वैष्णवी जिनके शानदार उद्बोधन ने सभी साथियों को काफी प्रेरित किया। इस प्रकार इस वेबिनार में कोरोना फाइटर्स और चिकित्सा विशेषज्ञों ने हमें कोरोना के भय से दूर रहने के लिए प्रेरित किया और पॉजिटिव रहने और नेचुरल रहने को कहा। वेबिनार में 60 लोगो को गूगल मीट से जोड़ा गया था और इस कि विभिन्न माध्यमो से लाइव ब्रॉडकास्टिंग की गई थी जिसमे करीब 2200 लोग वेबिनार से जुड़े, जिसमे आयोजन समिती के सदस्यों ने अपने विद्यालय प्रबंध समिति, मां समिति, ग्राम शिक्षा समिति आदि) के सदस्यों को जोडऩे का प्रयास किया। वेबिनार में आयोजन कमेटी के सदस्यों में वन्दना चौकसे, प्रीती त्रिपाठी, कंचन प्रभा,आस्था चतुर्वेदी, आशा देवी, सन्ध्या, स्वाती सचान, मंजू लता सिंह, अमरेश मिश्रा, नीरज दुबे, मयंक बबेले, ब्रजमोहन तिवारी, मुकेश योगी, रत्नेश दीक्षित, ह्रदयेश गोस्वामी, मनोज कौशिक, हेमन्त भोडेले, दिलीप रैकवार, अनुज पटैरिया, अनन्त तिवारी आदि मौजूद रहे संचालन हेमन्त तिवारी ने किया टेक्निकली कार्य देवेंद्र रावत, प्राणेश मिश्रा द्वारा किया गया।
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कैप्सन- बेबीनार के जरिए लोगों को संबोधित करते अतिथि

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